Twitter CEO Parag Aggarwal Fired : साल 2022 में ऐसी कई बड़ी घटनाएं हुई जिसकी चर्चा दुनियाभर में हुई। फिर चाहे वो रूस -यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध हो या दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क द्वारा माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बीच हुई डील हो। अब मस्क द्वारा ट्विटर के खरीदे जाने के बाद इसके सीईओ पराग अग्रवाल समेत तीन टॉप एग्जीक्यूटिव्स की छुट्टी कर दी गयी है। बहुत समय से ये बात चल रही थी की जैसे ही मस्क ट्विटर के मालिक बनेगे वैसे ही अग्रवाल की छुट्टी हो जाएगी। और ऐसा ही हुआ। इसके पीछे का कारण यह है कि मस्क और अग्रवाल के बीच शुरुआत से ही तनातनी चल रही थी।
इस साल अप्रैल में मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर की पेशकश की थी। लेकिन इसके बाद वह इस डील से पीछे हट गए। मस्क ने कंपनी पर आरोप लगाया था कि कंपनी फेक अकाउंट्स के बारे में सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने अग्रवाल समेत ट्विटर के टॉप एग्जीक्यूटिव्स पर उन्हें और कंपनी के अधिकारियों को भटकाने का आरोप लगाया था।
कहां से शुरू हुआ मस्क-अग्रवाल के बीच विवाद?
साल की शुरुआत में एलन मस्क ने ट्विटर में 9.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद वो कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर्स बन गए थे। साथ ही ऐसा माना जा रहा था कि एलन मस्क कंपनी के बोर्ड में शामिल होंगे। हालाँकि आखिरी वक्त पर वह इससे मुकर गए। इसपर अग्रवाल ने कर्मचारियों को एक नोट लिखा।
उन्होंने नोट में कहा था कि "आगे आपको उथलपुथल देखने को मिल सकती है। लेकिन हमारे मकसद और प्राथमिकताओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। निर्णय लेना और उन्हें लागू करना हमारे हाथ में है, किसी और के हाथ में नहीं है।" इसके बाद से दोनों के बीच कड़वाहट बढ़ गई थी।
इसके बाद मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए एक डील की थी। कुछ दिन बाद वह इससे मुकर गए थे। मस्क का आरोप था कि कंपनी स्पैम अकाउंट्स के बारे में सही जानकारी नहीं दे रही है। इसके बाद इस विषय पर अग्रवाल और मस्क में ट्विटर वॉर छिड़ गयी थी। पराग अग्रवाल ने ट्विटर पर एक लम्बे-चौड़े थ्रेड को पोस्ट कर समझाया कि कैसे ट्विटर संभावित स्पैम का 'ह्यूमन रिव्यू' करता है। एलन मस्क ने उस थ्रेड के जवाब में पूछा कि 'क्या आपने उन्हें कॉल करने की कोशिश की?' इसके अलावा मस्क ने पूरे थ्रेड के जवाब में 'पाइल ऑफ पू' इमोजी भी ट्वीट किया था।
मस्क ने डेडलाइन से पहले पूरी की डील
आपको बता दे की माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को खरीदने के लिए एलन मस्क के पास शुक्रवार तक का समय था। अगर वह ऐसा करने से चूक जाते तो उनपर मुकदमा हो जाता। लेकिन ऐसा होने से पहले ही उन्होंने गुरुवार को इस डील को पूरा कर लिया, और डील पूरी होते ही उन्होंने कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल और दो अन्य टॉप अधिकारियों की छुट्टी कर दी। कंपनी से बाहर निकाले जाने में पराग के साथ पॉलिसी हेड विजया गाड्डे और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नेड सेगल शामिल हैं।